सिस्मो ग्राफ किसे कहते है ?
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सिस्मोग्राफ किसे कहते हैं?
सिस्मोग्राफ वह यंत्र है जिसकी सहायता से भूकंप के झटकों को मापा और रिकॉर्ड किया जाता है। यह यंत्र भूकंप की तीव्रता, समय और अवधि की जानकारी देता है।
सिस्मोग्राफ की परिभाषा
भूकंप के दौरान पृथ्वी में उत्पन्न होने वाली कंपन तरंगों को मापने एवं दर्ज करने वाले यंत्र को सिस्मोग्राफ कहते हैं।
सिस्मोग्राफ कैसे काम करता है?
- सिस्मोग्राफ पृथ्वी की सतह से जुड़ा होता है।
- भूकंप आने पर भूमि में कंपन होता है।
- यंत्र का एक भाग स्थिर रहता है जबकि दूसरा भाग हिलता है।
- यह गति कागज या कंप्यूटर स्क्रीन पर तरंगों के रूप में दर्ज होती है।
- इन तरंगों को सिस्मोग्राम कहा जाता है।
उदाहरण द्वारा समझिए
यदि एक मेज पर पानी से भरा गिलास रखा हो और मेज हिलने लगे, तो पानी में लहरें बनने लगती हैं। इसी प्रकार जब धरती हिलती है, तो सिस्मोग्राफ उन झटकों को रेखाओं (लहरों) के रूप में रिकॉर्ड कर लेता है।
सिस्मोग्राफ का उपयोग
- भूकंप की तीव्रता मापने में
- भूकंप का समय ज्ञात करने में
- भूकंप प्रभावित क्षेत्रों की पहचान में
- भूकंप संबंधी वैज्ञानिक अनुसंधान में
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
सिस्मोग्राफ एक ऐसा उपकरण है जो भूकंप के झटकों को मापने और रिकॉर्ड करने का कार्य करता है।
Geology
Hamari Duniya 7th Class
- post 1 month ago
- B Butts

